नोएडा के दूसरे चर्चित बाइक बोट घोटाले में पांच जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी, 178 बाइक्स बरामद

 


 


मुख्य आरोपी संजय भाटी ने ताबड़तोड़ दबिश और जमानत अर्जी ख़ारिज होने के डर से वापस ली जमानत अर्जी


 


मोदीनगर। नोएडा के चर्चित बाइक बोट घोटाले लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सोमवार को ही मेरठ जोन के पांच जिलों में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने गाज़ियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, मुजफ्फरनगर में छापेमारी के कुल 178 बाइक बरामद की।  उधर अर्जी ख़ारिज होने के डर से मुख्य आरोपी संजय भाटी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई अर्जी वापस ले ली है। बरामद की गई सभी बाइक गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के नाम रजिस्टर्ड बताई गई हैं। ईओडब्ल्यू की मेरठ सेक्टर की पांच टीमों ने एक साथ पांच जिलों में छापेमारी की। इस दौरान गाज़ियाबाद से 72, मेरठ से 21, बागपत से 13, हापुड़ से 22 और मुजफ्फरनगर से 50 बाइक्स बरामद की गई।हैं। गौरतलब है कि संजय भाटी की कथित कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी ने 2017 में बाइक बोट के नाम से एक स्कीम शुरू की। इन योजना में एक बाइक के लिए 62100 रुपये निवेश करने पर एक साल में मासिक क़िस्त के जरिए 1,17,180 रुपये निवेशक को लौटाने की बात कही गई थी। यह स्कीम कुछ ही दिनों में यूपी के अलग अलग जिलों से होते हुए हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड तक फैल गई। इस योजना से प्रभावित होकर कई अन्य लोगों ने भी ऐसी ही योजना शुरू कर दी। लाखों निवेशकों ने इन कंपनियों में करीब 1500 करोड़ रुपया निवेश कर दिया। अब तक इस मामले में ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विभिन्न थानों में तीन से अधिक कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। सीबीआई के हाथों में ये मामला आने के बाद अब इस मामले में कुछ बड़े चेहरों के भी बेनक़ाब होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में फिलहाल 12 आरोपी जेल में हैं जबकि दो दर्जन से अधिक आरोपी अभी फ़रार हैं।