मोदीनगर। कोतवाली में आयोजित मुस्लिम धर्म गुरुओं की बैठक के दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार ने साफ किया कि धार्मिक स्थलों में प्रवेश की गाइड लाइन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
भले ही प्रशासन ने मंदिर मस्जिद में नमाज और पूजा अर्चना की इजाज़त दे दी हो लेकिन अभी भी धार्मिक स्थलों पर कुछ प्रतिबंध जारी रहेंगे। मंदिरों में जहां प्रसाद बांटने और मूर्तियों को छूने की इजाज़त नहीं होगी तो वहीं पांच आदमियों से अधिक का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार मस्जिदों में भी पांच व्यक्ति ही नमाज़ अदा कर सकेंगे, साथ ही 60 साल से अधिक बुजुर्गों और दस वर्ष से कम के बच्चों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। इस सब के बावजूद पुलिस को मस्जिद में नमाज़ पढ़ने को लेकर बुजुर्गों के जबरन प्रवेश और इसे लेकर नोंकझोंक होने की शिकायतें मिल रही थीं।
इसी के मद्देनज़र कोतवाली में मुस्लिम धर्म गुरुओं की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद कोतवाली प्रभारी और पुलिक्षेत्राधिकारी ने सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति जबरन मस्जिद अथवा किसी भी धार्मिक स्थल में प्रवेश करता है तो झगड़ने के बजाये उसकी सूचना पुलिस को दें, पुलिस ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्यवाही अमल में लाएगी।
बैठक के बाद दयापुरी स्थित शाही जामा मस्जिद में तहसील की तमाम मस्जिदों के इमामों की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी इमामों को पुलिस प्रशासन की मंशा और सरकारी गाइड लाइन की जानकारी देकर इनपर अमल करने की गुज़ारिश की गई। बैठक में मौलाना ख़ालिद, मौलाना आरिफ़, मौलाना सिराज, क़ारी मुनव्वर, क़ारी इफ़्तकार, क़ारी मोमीन, हाफ़िज़ यूसुफ़, अब्दुल सत्तार, गुड्डू प्रधान, क़ारी जुल्फिकार, एजाज, हाफ़िज़ बशीर, आकिल, शहाबूद्दीन, हाफ़िज़ जुनैद आदि शामिल हुए।